सविता प्रधान का जन्म एक गरीब आदिवासी परिवार में हुआ, और कम उम्र में ही शादी हो गई। फिर भी उन्होंने अपने सपने को नहीं भूला और एक गम्भीर स्थिति में होने के बावजूद भी पढ़ाई की और स्टेट पीसीएस एग्जाम क्लियर किया है।

सविता प्रधान जिनकी शादी 16 साल के उम्र में उनसे बड़े 11 साल के व्यक्ति से करवा दी जाती है। ससुराल जाने के बाद में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और पति के साथ-सा द उनके घर वाले भी उन्हें काफी परेशान क्या करते थे। वह चाहती तो अब महिला की तरह वह अपना किस्मत समझकर सब कुछ गलती रहती है लेकिन उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना जो काफी मुश्किलों से भरी पड़ी थी। लेकिन फिर भी उन्होंने अपना हिम्मत नहीं टूटने दिया और अपने बच्चों के साथ-साथ अपना भविष्य भी खुद ही तय किया।
यह एक ऐसी व्यक्ति की कहानी है जिन्होंने अपने दर्द को अपना ताकत बनाया और खुद पर यकीन करके कठिन परिश्रम किया और अपने सपनों को हकीकत में तब्दील किया। पहले तो उन्होंने मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा आयोग में अपना एक सफल करियर बनाया उसके बाद उन्होंने अपना जीवनसाथी को चुना। तो लिए हम उनके जीवन से जुड़ी संघर्ष की कहानी विस्तार से जानते हैं।
सविता प्रधान का जन्म और संघर्ष दिल जीवन (The birth and struggle of Savita Pradhan)
सविता प्रधान मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के नर्मदपुरम जिले के मड़ई ग्राम के रहने वाली है और वह एक आदिवासी परिवार से तालकट रखती है। उनका परिवार बहुत ही गरीब था और बचपन से ही उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा। घर की स्थिति ठीक नहीं थी इस कारण उनके पिता सभी प्रकार के छोटे-छोटे काम किया करते हैं जैसे की धान की कटाई करना, बीड़ी पते तोड़ना और महुआ बीनना जैसी काम क्या करते थे ताकि वह अपने परिवार की गुजारा कर सके। और पारिवारिक की स्थिति दैनिय होने के कारण उनकी पढ़ाई के बीच में ही छूट गई।
सविता प्रधान की शादी 16 की उम्र में हो गई थी(Savita Pradhan was married at the age of 16)
सविता प्रधान की परिवार की स्थिति काफी खराब थी इस कारण से वह सविता को पढ़ने की समर्थ नहीं था। इसलिए उनके पिता पिताजी ने 12वीं के बाद मात्र 16 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई। इस प्रकार उनकी पढ़ाई छूट गई और गृहस्ती जीवन बिताने लगे जिसमें काफी संकटों का सामना करना पड़ा।
सविता प्रधान के साथ दुर्व्यवहार (Abuse of Savita Pradhan)
उसके बाद सविता प्रधान को काफी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा था जिसमें उन्हें गंभीर रूप से शारीरिक और भावनात्मक व्यवहार का सामना करना पड़ा था। कभी-कभी उन्हें खाने के लिए खाना भी नहीं मिलता था और बच्चों के सामने उन्हें गंभीर रूप से शिकायत की जाती थी। ऐसी बुरी स्थितियों को काफी समय तक झेलती रही और आखिर में जाकर बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होंने अपना एजुकेशन फिर से शुरू किया।
सविता प्रधान का निर्णायक मोड़ (Savita Pradhan’s turning points)
सविता इस दुर्व्यवहार से बचने के लिए अपने ससुराल को छोड़ दी और अपने बच्चों की पालन पोषण के लिए एक छोटी सी ब्यूटी पार्लर में काम करने लगी और साथ ही होम ट्यूशन भी पढ़ने लगी थी। और उसके साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।
सविता बच्चों की परवरिश के साथ की MPPSC की तैयारी (Savita prepared for MPPSC while raising her children)
सविता अपने बच्चों के पालन पोषण, ब्यूटी पार्लर और ट्यूशन के साथ-साथ MPPSC एग्जाम्स की भी तैयारी कर रही थी। उन्होंने मध्य प्रदेश स्टेट पीसीएस एग्जाम्स के लिए काफी मेहनत की।
आपको बता दे की सविता प्रधान अपने वैवाहिक जीवन से तांगा कर ससुराल छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि उनका विवाह उनसे 11 साल बड़े व्यक्ति के साथ करवाया गया था और उनके दो बेट अथर्व और यजुष। अपने बच्चों की भरण पोषण के लिए उन्होंने अपने परिवार के ही एक ब्यूटी पार्लर में काम क्या करती थी। अब बच्चों की परवरिश के साथ-साथ उन्होंने अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी की उसके बाद मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग एग्जाम्स की तैयारी करने लगी।
सविता प्रधान IAS है या PCS अधिकारी (Is Savita Pradhan an IAS or PCS officer)
सविता प्रधान के बारे में बहुत लोगों के पास मिस इनफॉरमेशन था और लोगों का मानना था कि सविता प्रधान एक IAS अधिकारी है। लेकिन ऐसा नहीं है वह एक PCS अधिकारी है।
लेकिन उन्होंने एनडीटीवी टीवी की एक इंटरव्यू में बताया कि लोग उन्हें बताते हैं लेकिन उनका कहना है कि यह गलत इनफार्मेशन है और साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल तो मैं एक पीसीएस अधिकारी हूं लेकिन हां भविष्य में प्रमोशन के जरिए एक आईएएस ऑफिसर बनने की संभावना है।
सविता प्रधान MPPSC परीक्षा अटेम्प्ट्स (Savita Pradhan MPPSC Exam Attempts)
सविता प्रधान प्रथम प्रयास में ही साल 2005 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा पास कर गई थी। लेकिन उन्होंने अपने रैंक को सुधारने के लिए दूसरा अटेम्प्ट भी दिया और इस बार भी वह सफल रही। प्रथम प्रयास में उन्हें पुलिस सेवा के लिए चयनित किया गया था, लेकिन वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती थी इसलिए उन्होंने दूसरा प्रयास की। और दूसरी बार उन्हें 83 रैंक हासिल हुई और अपना सपना आसानी से पूरा कर सकी।
सविता प्रधान की वर्तमान पोस्टिंग (Savita Pradhan’s current posting)
वर्तमान समय में सविता प्रधान की पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के सिंगरौली नगर निगम आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में संयुक्त निदेशक के रूप में निभा चुकी हैं और वह अपनी सेवा बखूबी निभा रही है।
उनका पहला पोस्ट इंग मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव मैं एक नगर परिषद के रूप में हुआ था।
सविता प्रधान आज सफलता और संघर्ष की मिशाल है (Savita Pradhan is today an example of success and struggle)
सविता प्रधान की स्ट्रगल लाइफ हमें यह बताता है कि हालात चाहे कैसे भी हो चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों ना हो, लेकिन अगर आपका इरादा मजबूत है तो कामयाबी झख मार के आपके पास आएगी। उन्होंने साबित कर दिया कि संघर्ष इंसान को पावरफुल बनता है और उसे अपने मंजिल तक पहुंचने में मदद करता है।
मध्य प्रदेश के अधिकारियों में सविता प्रदान की छवि और ईमानदारी को लेकर लोगों को मिसाल देता है।




